हिंदू धर्म के नाम पर नैतिकता की ठेकेदारी लेने वाले अखाड़ा परिषद ने शाहजहांपुर मामले में बलात्कार के आरोपी चिन्मयानंद (Chinmayanand) का बचाव किया है मतलब इस संगठन द्वारा एक तरफ देवी पूजन किया जा रहा है तो दूसरी तरफ बलात्कार के आरोपी को बचाया जा रहा है।

इस मामले पर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी (Narendra Giri) ने कहा है कि स्वामी चिन्मयानंद के अन्याय साथ हुआ है, उन्होंने साफ़ किया कि अखाड़ा परिषद स्वामी चिन्मयानंद का हर तरह से देगा साथ। हैरान करने वाली बात ये भी है कि ये बयान तब आया है जब देशभर में नारी शक्ति व कन्याओं के सम्मान का पर्व मना रहा है।

महज कन्या पूजन (Navratri) करने से नारी शक्ति का उद्दार नहीं होने वाला है। जबतक नारी पर अत्याचार करने वालों पर इस तरह से महरबानी दिखाई जाएगी। उसके साथ इंसाफ नहीं किया जायेगा तो ऐसे में कन्या पूजन सिर्फ एक परंपरा बनाकर रह जाएगी। इस मामले पर पत्रकार रोहिणी सिंह सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

बता दें कि छात्रा के आरोपों के बावजूद 45 दिन के बाद चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया गया था। चिन्मयानंद की गिरफ्तारी एक वीडियो के आधार पर हुई थी, जिसमें वह एक युवती से नग्न मसाज कराते नज़र आ रहे हैं। लेकिन जब चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया गया तो उनपर आरोपों के तहत रेप की धारा नहीं लगाई गई।

आख़िरकार चिन्मयानंद ने कबूल किए अपने गुनाह, कहा- वीडियो में नज़र आ रहा शख़्स मैं ही हूं

चिन्मायनंद के ख़िलाफ़ सिर्फ 376C, 354D,342,506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें धारा 376 (सी) जिसके मुताबिक किसी शख़्स द्वारा अपनी ताक़त और पद का इस्तेमाल करते हुए ज़बरन यौन शोषण किया जाता है। वहीं 354D इस धारा के तहत किसी लड़की या महिला का पीछा करना जैसी वारदातें शामिल हैं।

जिसमें पहली बार अगर व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसको तीन साल तक की सज़ा और जुर्माना हो सकता है और अगर वह व्यक्ति दूसरी बार इस तरह की वारदात में दोषी पाया जाता है। उसे पांच साल तक की कैद और जुर्माना भी हो सकता है। मगर इन सभी धाराओं में 375 को नहीं जोड़ी गया, जो कि रेप की धारा है।